यह देखने को मिलता है कि अक्सर लोग अपने अधिकारों के बारे में पल-पल चिंतित रहते हैं। आज भी अक्सर वर्तमान हालातों के लिए लोग पूर्व कालीन राजतंत्र व …
Read moreमेरे प्यारे भारतवासियों, मैं न किसी धर्म से प्रेरित हूं और ना ही किसी विचारधारा से। क्योंकि जब तक हम कर्म नहीं करेंगे तब तक उसका फल नहीं मिले…
Read moreनए साहूकार बैंक से कर्ज लेते हैं, और दुगुने ब्याज पर किसानों को कर्ज देते हैं। हां तभी तो किसान सिर्फ पेट पलते हैं, वर्तमान साहूकारों के क…
Read moreश्रेय नहीं मिलता उसे क्यूं, विश्व सभ्यता की प्रगति में। एक मजदूर ही था तपा, उस दिवाग्नि में। तपते लोहे की सलाखें भी, अपना कठोरपन छोड़ …
Read moreस्व दोष मैं ही था दोषी, पुराकाल से अद्यतक, आमजन हूं राष्ट्र का, हरदेश काल में। मैंने ही चुना उसे, कभी राजतंत्र में, अब लोकत…
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